इन्द्रधनुष कुदरत का अद्भूत करिश्मा एक साथ दो-दो इन्द्रधनुष निकले आज हमारे शहर जबलपुर में। जिसने भी यह अद्भूत नजारा देखा,वो न सिर्फ देखता रह गया,बल्कि मेरी ही तरह अपने मोबाइल से फोटो भी किलिक करने लगा।मैंने तो आज से पहले कभी भी एक साथ दो-दो इन्द्रधनुष को साथ निकलते नहीं देखा था।आज का यह दृश्य मेरे लिए तो कुदरत का अद्भूत करिश्मा था।आज मानो इन्द्रदेव मस्ती के मूड थे,खुश थे,तो उन्होंने अपना जादू आसमान पर दिखा दिया। मेरी तो आसमान से नजरें ही नहीं हटी,जब तक वो सात रंगो का मनमोहक का मिलन और उनका आकाश में छा जाना।मैंने आप लोगों के साथ यह सुन्दर दृश्य शेयर करना चाहती हूँ। मैंने कुछ फोटो लिये ।
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अनुभव :- गमले वाली दे गई सीख।
गमले वाली दे गई सीख। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ आज सुबह हमारे घर एक गमला बेचने वाली निर्धन सी महिला आई । जरूरत न होते हुए भी उस महिला की दशा देखकर माँ ने 2 गमले खरीद लिये। गमले वाली उस महिला ने माँ को ढेर सारी दुआएं दी। उस महिला के चेहरे पर गमले बिकने की खुशी देखते ही बन रही थी। माँ ने उससे 2 गमले के 40 रूपये दिये, तो वो दोनों नोट को बड़े ही ध्यान से उलट-पलट कर देखने लगी । हम चुपचाप देख रहे थे। तभी गमले वाली महिला ने कहा 'दीदी, देखो यह दोनों नोट एक जैसे नहीं है, दोनों में अलग-अलग डिजाइन बनी है, आ...
साधु का क्रोध
साधु का क्रोध ************ मोहनिया नामक गाँव में एक महान साधु महाराज पधारे।सारा गाँव उनके प्रवचन सुनने के लिए एक स्थान पर एकत्रित हो गये। साधु महाराज के प्रवचन का विषय था-क्रोध।साधु महाराज बता रहे थे,हमें क्रोध नही करना चाहिए,क्रोध से दूर रहना चाहिए,यह हमें नुकसान ही पहुंचाता है,क्रोध 'चांडाल' के सामान हैं। साधु महाराज के प्रवचन को दूर बैठा एक जमादार भी सुन रहा था। प्रवचन देते-देते साधु महाराज के पेट में चूहे कूदने लगे और वो अपने यजमान के घर भोजन करने। आगे-आगे साधु महाराज और उनके पीछे-पीछे जनता चल रही थी।तभी अचानक भीड़ का धक्का महाराज जी को ऐसा लगा कि साधु महाराज सीधे जा टकराए दूर खड़े जमादार से। अब तो साधु महाराज का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वो बहुत नाराज हो गये और जमादार पर क्रोधित होते हुए कहने लगे रे!पापी तू ने मुझे छू दिया,मुझे गंदा कर दिया,अब मुझे गंगा स्नान करना पड़ेगा। ऐसा कह साधु महाराज जल्दी-जल्दी गंगा तट की ओर भागने लगे,तभी उनकी नजर उनके आगे भागते जमादार पर पड़ी, जो गंगा तट पर भागे जा रहा था। साधुमहाराज जोर से चिल्लाये और कहा ओ!पापी तू कह...
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